The Taj Story Controvarsy: इतिहास गवाह है कि सत्य हमेशा सबूतों पर टिका होता है, लेकिन अफवाहें कई बार इतिहास से भी बड़ी बन जाती हैं। और जब बात भारत के सबसे प्रसिद्ध स्मारक की हो, तो विवाद अपने आप गूंजने लगते हैं। इसी पुराने विवाद को एक बार फिर हवा मिल गई है Paresh Rawal की अपकमिंग फिल्म The Taj Story से, जो की 31 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है।
गुरुवार 16 अक्टूबर को फिल्म The Taj Story का ट्रेलर रिलीज हुआ था और तभी से यह फिल्म चर्चाओं के केंद्र में है। ट्रेलर में Paresh Rawal एक टूरिस्ट गाइड की भूमिका निभाते दिख रहे हैं, जो भारत के ऐतिहासिक स्मारकों से जुड़े कथित रहस्यों को उजागर करते हुए नजर आते हैं। लेकिन ताजमहल पर उनका एक संवाद लोगों के बीच नई हलचल पैदा कर गया, जहाँ वे ताजमहल को “कथित मंदिर का अवशेष” बताते नजर आ रहे हैं।
विवादों में The Taj Story
हालांकि रिलीज से पहले ही फिल्म The Taj Story को लेकर कंट्रोवर्सी शुरू हो गई है। जहां एक तरफ लोग सोशल मीडिया पर इसे सराहनीय कदम बता रहे है, तो वही कुछ लोग इसे झूठा, भ्रामक और इतिहास से छेड़छाड़ करने पर सवाल उठा रहे है। इसी बीच भाजपा के नेता रजनीश सिंह ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए फिल्म The Taj Story को बैन करने की मांग की है।
भाजपा की अयोध्या इकाई के नेता रजनीश सिंह ने अपनी याचिका में बताया की फिल्म The Taj Story उनके द्वारा दायर की गई एक याचिका पर आधारित है।

क्या थी ताजमहल पर याचिका?
आपको बता दे कि रजनीश सिंह ने अक्टूबर 2022 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने ताजमहल के गुप्त 22 कमरों को खोलने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था की ताजमहल वास्तव में एक मंदिर का अवशेष है।
रजनीश सिंह ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय और सीबीएफसी को अपनी शिकायत में कहा कि मैंने ताजमहल के 22 बंद कमरों को खोलने के लिए एक याचिका दायर की थी, मेरा मकसद सिर्फ ऐतिहासिक तथ्यों की पारदर्शिता और सत्यापन सुनिश्चित करना था। लेकिन मुझे खबर मिली है कि फिल्म The Taj Story मेरी याचिका पर आधारित है।
The Taj Story फिल्म निर्माता पर आरोप
रजनीश सिंह ने फिल्म निर्माता पर आरोप लगाया की फिल्म के पोस्टर, कहानी और प्रचार सामग्री में याचिका का संदर्भ और जानकारी बिना मुझसे पूछे गलत तरीके से दिखाई जा रही है। ये मेरे कानूनी अधिकारों का उलँघन है। उन्होंने बताया की इस तरह की फिल्में सामाजिक और धार्मिक समुदायों में तनाव पैदा कर सकती है।
फिल्म को बैन करने की मांग की
रजनीश सिंह ने सेंसर बोर्ड से तुरंत फिल्म The Taj Story के प्रचार प्रसार, स्क्रीनिंग और प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा की पहले फिल्म The Taj Story की स्क्रिप्ट और कहानी की जांच की जानी चाहिए कि उनकी परमिशन के बिना उनकी याचिका की सामग्री का उपयोग किया गया है।
बता दे की फिल्म The Taj Story की कहानी तुषार अमृत गोयल ने लिखी है। और सुरेश झा फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे है। इस फिल्म में परेश रावल, जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमित दास और स्नेहा वाघ अभिनय करते हुए दिखाई देंगे। फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को रिलीज होगी।
नया नहीं है ताज महल विवाद
बता दे की ताजमहल पर ये विवाद नया नहीं है, वर्षों से इस पर बहस और दावे किए जाते रहे है, हालांकि इन दावों को ASI ने कई बार खारिज भी किया है, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में ये मुद्दे बार-बार सामने आते रहते हैं। अब फिल्म के आने से यह विवाद फिर से चर्चा में आ गया है।
क्या फिल्म The Taj Story रिलीज़ होगी?
भाजपा नेता की याचिका के बाद अब मामला कोर्ट में पहुँच चुका है, अगर कोर्ट फिल्म की स्क्रिप्ट और कहानी की जांच के आदेश देती है, तो फिल्म की रिलीज में देरी हो सकती है। हालांकि अभी तक निर्माता, सेंसर बोर्ड और परेश रावल की तरफ से कोई भी बड़ा बयान सामने नहीं आया है। लेकिन ये विवाद जितना बढ़ रहा है, फिल्म की पब्लिसिटी उतनी ही बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। लेकिन सवाल ये है कि क्या ताजमहल पर चल रही पुरानी बहसों को ये फिल्म फिर से भड़का देगी, या ये केवल एक कलात्मक प्रस्तुति है जिसे बढ़ा चढ़कर दिखाया जा रहा है? इन सवालों के जवाब तो फिल्म रिलीज के बाद ही पता चलेगा।

