Amrish Puri Rare Song: हिन्दी सिनेमा में जब भी खलनायकों का जिक्र होता है, अमरीश पुरी का नाम सबसे पहले आता है। उनकी तेज तर्रार रुबाबदार आंखे, भारी भरकम आवाज और स्क्रीन पर पकड़ ने उनको बॉलीवुड का सबसे खतरनाक विलेन बना दिया। अमरीश पुरी ने ज्यादातर फिल्मों में खलनायको के ही रोल किए थे, लेकिन वह हर किरदार में फिट बैठ जाते थे। अमरीश पूरी मुंबई हीरो बनने की इच्छा लेकर आए थे, लेकिन उनसे कहा गया कि आपका चेहरा हीरो बनने के लायक नहीं है। बस यही से भारतीय सिनेमा के सबसे खूंखार विलेन के बनने की शुरुआत होती है।
400 से अधिक फिल्मों का शानदार सफर और फिल्मफेयर रिकॉर्ड
अमरीश पूरी ने अपने करियर की शुरुआत साल 1970 में आई देवानंद की फिल्म प्रेम पुजारी से की थी। अमरीश पुरी ने 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। अमरीश पूरी ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीत था। साथ ही उनके नाम सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए 12 फिल्मफेयर पुरस्कार का नामांकन भी है। अमरीश पुरी साहब महान अभिनेता तो थे ही साथ ही यह उच्च कोटि के गायक भी थे। इन्होंने अपने करियर में कई गाने गाए थे। आज हम उन्हीं Amrish Puri Rare Song में से एक गाने पर चर्चा करेंगे।
| फिल्म का नाम | रिलीज़ वर्ष | रोल |
| Mr. India | 1987 | Mogambo |
| Nayak | 2001 | Balraj Chouhan |
| DDLJ | 1995 | Baldev Singh |
| Phool Aur Kaante | 1991 | Nageshvar |
| Virasat | 1997 | Badri Thakur |
| Koyla | 1997 | Raja Sahab |

फिल्म ‘बदमाश नंबर वन’ की पूरी कहानी
साल 2002 में एक फिल्म आई थी Badmaash No.1 उस फिल्म के डायरेक्टर श्याम सतवाल थे, और प्रोड्यूसर एन. वासू थे। फिल्म में अमरीश पुरी, जॉनी लीवर, राखी सावंत, किरण कुमार, अरुणा ईरानी, महेश आनंद प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म में बप्पी लहरी ने संगीत दिया था, और इन गानों को पीके मिश्रा ने लिखा था। फिल्म में कुल छह गाने रखे गए थे जिनको कुमार सानू, उदित नारायण, सुदेश भोसले, बप्पी लहरी, साधना सरगम, कविता कृष्णमूर्ति, उत्तरा केलकर, जसविंदर नरुला और अमरीश पुरी ने अपनी मधुर आवाज से गाया था।
Badmash No. 1 फिल्म साल 1999 में बननी शुरू हुई थी और कुछ महीनों के बाद बनकर पूरी भी हो गई थी। लेकिन किन्ही कारणों की वजह से ये फिल्म कई सालों के विलंब के बाद साल 2002 में रिलीज की गई थी। अमरीश पुरी ने इस फिल्म में रणजीत सिंह नामक किरदार निभाया था, जो कि बेहद ही खूंखार होता है, और अपने से आगे किसी को बढ़ते देखना नहीं चाहता।
टाइटल सॉन्ग को खुद अमरीश पुरी से गवाने का फैसला कैसे हुआ
इस फिल्म में कॉमेडी, एक्शन, ड्रामा, म्यूजिक सब कुछ था। फिर भी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उतना कमाल नहीं कर पाई, जितनी उम्मीद की गई थी। अमरीश पुरी ने भी इस फिल्म में एक गाना गाया था। दरअसल, अमरीश पुरी फिल्म के हीरो थे और उन्हीं के किरदार पर फिल्म का नाम Badmaash No.1 रखा गया था।

जब फिल्म के टाइटल सॉन्ग की रिकॉर्डिंग का समय आया तो बदमाश नंबर वन फिल्म के प्रस्तुतकर्ता सुबीर मुखर्जी ने बप्पी लहरी से कहा कि टाइटल सॉन्ग को अमरीश पुरी से गंवाना बेहतर होगा, क्योंकि फिल्म में उनका लीड रोल है और उनके ऊपर फिल्माए जाने वाले गाने को वह खुद अपनी आवाज में गाएंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा, क्योंकि अमरीश पूरी पर दूसरे गायकों की आवाज फिट नहीं बैठती। यही सोचकर बप्पी दा ने सुधीर मुखर्जी के बात मान ली।
ना हीरो नंबर वन, ना कुली नंबर वन…” इस Rare Song की Story
बप्पी लहरी अमरीश पूरी की गायन कला से पहले से ही वाकिफ थे क्योंकि उन्होंने पहले भी अमरीश पूरी से एक गाना गवाया था। और उन्हें पुरी साहब के रेंज के बारे में भी पता था और उसी हिसाब से उन्होंने गीत का धुन तैयार किया और अमरीश पुरी साहब को सुनाया। अमरीश पुरी ने भी बप्पी दा के घर पर गीत का अभ्यास किया और जसविंदर नरुला के साथ मिलकर कमाल का गाना गाया। गाने के बोल थे “ना हीरो नंबर वन ना कुली नंबर वन। मेनू मिल गया बदमाश नंबर वन।” वाकई में ये Amrish Puri Song सुनने में बेहद लाजवाब है। आप इसे यूट्यूब पर सुन सकते है।
फिल्म फ्लॉप लेकिन गाना हिट
आपको बता दें कि बदमाश नंबर वन फिल्म में पूरी साहब के कई रूप देखने को मिले थे। उन्होंने फिल्म में शानदार अभिनय के साथ गाना तो गाया ही था। इसके अलावा अपने गाए हुए गाने पर जबरदस्त डांस भी किया था। बदमाश नंबर 1 फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई थी, इसके बावजूद अमरीश पुरी जी का ये गाना काफी लोकप्रिय हुआ था। यदि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित होती तो यह गाना बड़े पर्दे पर भी तहलका मचा देता। दोस्तों क्या आपने पहले कभी Amrish Puri Ke Gane सुने थे? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर लिखें।
Read Also: 51 साल पहले आई इस फिल्म में लोग विलेन को ढूंढते रह गए

