Asrani Biography in Hindi : हिंदी सिनेमा के महान कॉमेडियन और अंग्रेजों के जमाने के जेलर असरानी जी। इस नाम को भला कोई सिने प्रेमी कैसे नहीं जानता होगा। अपनी लाजवाब कॉमेडी के चलते इन्होंने बड़ी ख्याति पाई है। हालांकि कुछ फिल्में ऐसी भी रही है जिनमें इन्होंने धीर गंभीर किरदार भी निभाए और साबित किया कि यह केवल कॉमेडी ही नहीं और दूसरी तरह के रोल्स भी पूरी शिद्दत के साथ निभा सकते हैं। अपने अलग हटकर कॉमेडी करने के अंदाज से इन्होंने पांच दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन किया और कई यादगार भूमिकाओं को अंजाम दिया।
आज हम जानेंगे महान भारतीय कॉमेडियन असरानी जी की ज़िंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से। जानेंगे कि कैसे असरानी साहब फिल्मों में आए? और कैसे इन्होंने खुद को कॉमेडी में इस ओहदे पर लाकर खड़ा किया?
असरानी का शुरुआती जीवन
असरानी का जन्म 1 जनवरी सन 1940 को राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक सिंधी परिवार में हुआ था। इनका पूरा नाम गोवर्धन असरानी था। इनके पिता की जयपुर में एक कारपेट शॉप थी। पिता चाहते थे कि असरानी भी उनके काम में हाथ बटाए, लेकिन पिता के काम में असरानी को जरा भी दिलचस्पी नहीं थी। साथ ही असरानी पढ़ाई में भी कुछ खास नहीं थे। जैसे तैसे इन्होंने जयपुर के सेंट जेवियर स्कूल से मैट्रिक पास की और फिर जयपुर के ही राजस्थान कॉलेज से इन्होंने ग्रेजुएशन किया।
Asrani Biography in Hindi: All India Radio में किया काम
कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही यह ऑल इंडिया रेडियो के जयपुर स्टेशन में बतौर वॉइस ओवर आर्टिस्ट काम करने लगे। इस काम से इनका पढ़ाई का खर्च निकल जाता था। रेडियो स्टेशन में काम करने के दौरान ही इनके मन में एक्टर बनने की चाहत ने जन्म ले लिया। इसके बाद सन 1960 से लेकर 1962 तक इन्होंने एक्टिंग की क्लासेज ली और फिर इन्होंने रुख किया मुंबई का।
एफटीआईआई से मिली एक्टिंग की असली शुरुआत
मुंबई में एक दिन असरानी की मुलाकात किशोर साहू और ऋषिकेश मुखर्जी से हुई। इन दोनों ने ही असरानी जी को समझाया कि अगर तुम इस इंडस्ट्री में कामयाब होना चाहते हो तो तुम्हें विधिवत तरीके से एक्टिंग सीखनी होगी। इन दोनों की सलाह पर असरानी जी ने एफटीआईआई पुणे में दाखिला ले लिया और साल 1964 से लेकर 1966 तक इन्होंने यहां पर अपना एक्टिंग का कोर्स पूरा किया। इसके बाद फिल्मों में काम करने के इरादे से फिर से मुंबई आ गए।
असरानी की पहली फिल्म/ Asrani First Movie
पहली दफा असरानी को साल 1967 में रिलीज हुई फिल्म हरे कांच की चूड़ियां में काम करने का मौका मिला। इसी साल ही असरानी गुजराती फिल्म में भी हीरो के तौर पर भी नजर आए थे और अगले 2 सालों तक गुजराती फिल्मों में इन्होंने काफी काम किया। लेकिन फिर भी इन्हें वह मजा नहीं आ रहा था जिसकी तलाश में ये कब से थे। Asrani Biography in Hindi में आगे पढ़िये असरानी की पहली फिल्म से सफलता की कहानी।

Aradhana और Anand से निकाला, बावर्ची में इतिहास रचा
सुपरहिट फिल्म Aradhana Movie (1969) में राजेश खन्ना के दोस्त का रोल पहले असरानी को ही मिला था। लेकिन जब लोगों ने कहना शुरू किया कि असरानी, राजेश खन्ना के सामने कद में काफी छोटे लगेंगे तो वो रोल असरानी के हाथ से निकल गया और फिर वो रोल सुभाष घई को मिल गया।
कुछ ऐसा ही इनके साथ Anand Movie (1971) के दौरान भी हुआ। अमिताभ वाला रोल पहले असरानी को ही मिला था। लेकिन बाद में वो रोल असरानी से छीनकर अमिताभ बच्चन को दे दिया गया। लेकिन फिल्म Bawarchi (1972) में इन्हें ऋषिकेश मुखर्जी ने जो रोल दिया उसने तो इनकी दुनिया ही बदल दी।
बावर्ची के बाद तो मानो असरानी ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्मों के परमानेंट हिस्सा बन गए। ऋषिकेश दा की फिल्म Namak Haraam (1973) में इन्होंने बड़ा ही शानदार काम किया था।
गुलजार की पहली फिल्म में भी नजर आए
अब तक असरानी अभिनय की दुनिया का एक बड़ा नाम बन चुके थे। गुलजार साहब ने भी अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म Mere Apne (1971) में इन्हें काम दिया और उसके बाद उनकी फिल्म Parichay (1972)में भी यह नजर आए।
राजेश खन्ना और अमिताभ के दोस्त असरानी
असरानी उन चंद बॉलीवुड कलाकारों में से एक थे जो अपने दौर के दो बड़े सुपरस्टार्स के गहरे दोस्त थे। यह दो सुपरस्टार्स थे राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन. और इस बात से कौन वाकिफ नहीं है कि इन दोनों ही सितारों के बीच में बाद में कितनी ज्यादा तल्खियां हो गई थी।
असरानी की प्रमुख फिल्में Asrani Movies
असरानी जी के करियर की प्रमुख फिल्मों की बात करें तो इन्होंने अनामिका, अभिमान, शोले, चुपके-चुपके, छोटी सी बात, मिली, अलाप, तपस्या, पति-पत्नी और वो, नालायक, मास्टरजी, तकदीरवाला, दूल्हे राजा, बड़े मियां छोटे मियां, हेराफेरी, गरम मसाला, दीवाने हुए पागल और धमाल जैसी 200 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है।
असरानी की आखिरी फिल्म Asrani Last Movie
असरानी जी की आखिरी फिल्म भूत बंगला और हेवान थी। इन दोनों फिल्मों में अक्षय कुमार भी है। बता दें कि भूत बंगला की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अगले साल यानी 2026 में रिलीज़ होने वाली है। जबकि फिल्म हैवान की शूटिंग 2025 के अंत में शुरू होने वाली थी। उससे पहले ही असरानी साहब इस दुनिया को अलविदा कह गए।

असरानी ने गाने भी गाए Asrani Song
असरानी जी ने फिल्मों में केवल एक्टिंग ही नहीं की थी बल्कि कुछ फिल्मों के लिए उन्होंने गाने भी गाए थे। ऋषिकेश दा की फिल्म अलाप में इन्होंने दो गाने गाए थे। वही 1978 में रिलीज हुई फिल्म फूल खिले हैं गुलशन गुलशन में भी इन्होंने एक गाना गाया था।
असरानी की डायरेक्ट की गई फिल्में
असरानी साहब ने कुछ फिल्में डायरेक्ट भी की थी। इन्होंने सबसे पहले एक गुजराती फिल्म डायरेक्ट की थी, जो कि साल 1974 में रिलीज़ हुई थी। उस फिल्म का नाम था अहमदाबाद नो रिक्शा वालों। इसके बाद साल 1977 में इन्होंने पहली हिंदी फिल्म डायरेक्ट की थी, जिसका नाम था चला मुरारी हीरो बनने। इस फिल्म में एक्टिंग भी इन्होंने खुद ही की थी।
इसके दो सालों के बाद यानी साल 1989 में इन्होंने सलाम मेमसाब नाम की एक फिल्म डायरेक्ट की। यह भी एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म थी और इस फिल्म में भी यह खुद ही नजर आए थे।
अगले साल यानी 1980 में रिलीज हुई फिल्म हम नहीं सुधरेंगे का डायरेक्शन भी असरानी जी ने ही किया था। और इस फिल्म में भी एज ए एक्टर का रोल इन्होंने खुद ही किया था। उसके बाद 1993 की फिल्म दिल ही तो है का डायरेक्शन भी इन्होंने ही किया था। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ, दिव्या भारती और शिल्पा शिरोड़कर लीड भूमिकाओं में थे। बता दें कि इस फिल्म में असरानी साहब ने एक्टिंग नहीं की थी।
असरानी की डायरेक्ट की आखिरी फिल्म
बतौर डायरेक्टर असरानी की आखिरी फिल्म थी साल 1997 में रिलीज हुई उड़ान। सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म में असरानी बाबा श्री श्री 108 बने थे। Asrani Biography in Hindi में आगे पढ़िये इनकी वेब सीरीज के बारे में।
वेब सीरीज में भी किया काम
फिल्मों के अलावा असरानी जी ने वेब सीरीज में भी काम किया है। और द वायरल फीवर की लोकप्रिय वेब सीरीज परमानेंट रूममेट्स में भी वो नजर आए थे। साथ ही सब टीवी के लोकप्रिय कॉमेडी शो पार्टनर्स ट्रबल हो गई डबल में भी असरानी साहब दिखाई दिए थे।
असरानी की पत्नी और निजी जीवन
बात करें असरानी साहब की निजी जिंदगी के बारे में तो इन्होंने एक्ट्रेस मंजू बंसल से शादी की थी। मंजू बंसल और असरानी ने कई फिल्मों में साथ भी काम किया था। फिल्म आज की ताजा खबर और नमक हराम में साथ काम करने के दौरान ही इन दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ी थी। शादी के बाद इस जोड़ी ने तपस्या, चांदी सोना, जाने बहार, जुर्माना, नालायक, सरकारी मेहमान और चोर सिपाही जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया था।
असरानी को मिले अवार्ड्स
बात अगर असरानी को मिले अवार्ड्स के बारे में करें, तो पहली दफा असरानी को साल 1974 में आज की ताजा खबर के लिए फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवार्ड मिला था। हालांकि उससे 1 साल पहले यानी 1973 में अनहोनी नाम की फिल्म के लिए इन्हें समा सुषमा अवार्ड फॉर बेस्ट कॉमेडियन मिल चुका था। 1977 में इन्हें बालिका वधू नाम की फिल्म के लिए भी फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवार्ड मिला था।
असरानी की मृत्यु Asrani Death
साथियों आज असरानी जी हमारे बीच नहीं है। 20 अक्टूबर 2025 को 84 साल की उम्र में असरानी साहब का निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। असरानी साहब सिर्फ एक कॉमेडियन नहीं थे बल्कि हिंदी सिनेमा का गोल्डन एरा थे। उनकी हंसी में मासूमियत और किरदारों में सादगी थी। उनका सफर हमें यही सिखाता है कि टैलेंट और डेडिकेशन हो तो किसी भी मुकाम तक पहुंचना नामुमकिन नहीं है।


